नज़र इंडिया ब्यूरो | नई दिल्ली
देश में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और बिना बीमा (इंश्योरेंस) चल रहे वाहनों पर रोक लगाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम में अहम संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नियम लागू होने के बाद बिना वैध बीमा के पकड़े जाने वाले वाहन न केवल जब्त किए जा सकेंगे, बल्कि ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सख़्ती भी बढ़ा दी जाएगी।
प्रस्ताव के अनुसार, जिन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस पिछले तीन वर्षों में रद्द किया गया है, उन्हें नया लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। वहीं, बिना बीमा चल रहे वाहनों को प्रवर्तन एजेंसियां सीधे डिटेन या जब्त कर सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा मिलेगा।
लाइसेंस रिन्यूवल के लिए ड्राइविंग टेस्ट अनिवार्य
नए प्रस्तावों में ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण को लेकर भी बड़ा बदलाव शामिल है। जिन चालकों का चालान इतिहास असुरक्षित ड्राइविंग दर्शाता है, उनके लिए लाइसेंस रिन्यूवल के समय ड्राइविंग टेस्ट अनिवार्य करने की तैयारी है। अभी तक लाइसेंस समाप्त होने के एक साल के भीतर नवीनीकरण कराने पर टेस्ट से छूट मिल जाती थी, लेकिन अब यह सुविधा सीमित की जा सकती है।
बीमा प्रीमियम तय करने में चालान इतिहास भी होगा आधार
संशोधन के तहत बीमा नियामक को वाहन की उम्र और ट्रैफिक चालान के रिकॉर्ड के आधार पर बीमा प्रीमियम और देनदारियां तय करने का अधिकार देने का प्रस्ताव है। इससे बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
भारी वाहनों के लिए ग्रेडेड लाइसेंस सिस्टम
सरकार भारी और बड़े वाहनों के लिए ग्रेडेड लाइसेंस प्रणाली लाने पर भी विचार कर रही है। इसमें ड्राइवर के अनुभव और कौशल के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसके अलावा, थर्ड पार्टी बीमा के दायरे को निजी वाहनों में मालिक, चालक और सवारी तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
मेडिकल सर्टिफिकेट की उम्र सीमा बढ़ाने का सुझाव
एक अन्य अहम प्रस्ताव में ड्राइविंग लाइसेंस जारी या नवीनीकरण के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की अनिवार्य आयु सीमा को 40 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की बात कही गई है।
सरकार के इन प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य साफ है—सड़कों पर सुरक्षित वाहन, जिम्मेदार चालक और कम होती दुर्घटनाएं। आने वाले समय में यदि ये नियम लागू होते हैं, तो वाहन चालकों को बीमा और ट्रैफिक नियमों को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा।



